मन में हैं क्या कभी कोई माने ना
तन में हैं जज्बात कभी कोई जाने ना
तेरी लगन ऐसी लगी, तू भी कभी इसको
जानेना मानेना सोचेना समझेना
मन में है क्या ..................!
इस प्यार को क्या नाम दे
जिसका कोई भी वजूद नहीं
तेरे बिना तेरे सिवा
दिल को किसी की जरूरत नहीं
आ पास आ दिल की सदा
पर तू भी कभी इसको
जानेना मानेना सोचेना समझेना
मन में हैं क्या ................. !!
हम जिंदगी को भूलकर
तस्वीर से तेरी चाहत करें
हैं ये दुआ रब से सदा
के वो भी हम पे इनायत करें
मेरे खुदा सुन ले ज़रा
पर तू भी कभी मुझको
जानेना मानेना सोचेना समझेना
मन में हैं क्या ................... !!!
.......................... दिनेश जगन्नाथ सुर्वे.
तन में हैं जज्बात कभी कोई जाने ना
तेरी लगन ऐसी लगी, तू भी कभी इसको
जानेना मानेना सोचेना समझेना
मन में है क्या ..................!
इस प्यार को क्या नाम दे
जिसका कोई भी वजूद नहीं
तेरे बिना तेरे सिवा
दिल को किसी की जरूरत नहीं
आ पास आ दिल की सदा
पर तू भी कभी इसको
जानेना मानेना सोचेना समझेना
मन में हैं क्या ................. !!
हम जिंदगी को भूलकर
तस्वीर से तेरी चाहत करें
हैं ये दुआ रब से सदा
के वो भी हम पे इनायत करें
मेरे खुदा सुन ले ज़रा
पर तू भी कभी मुझको
जानेना मानेना सोचेना समझेना
मन में हैं क्या ................... !!!
.......................... दिनेश जगन्नाथ सुर्वे.
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