लोग पुंछते हैं हम से,
क्युं अंदाज आप के बदल गये
हम वही हैं आज भी,
कल झिंदा थे आज मर गये ........!!!
कितना मजबूर ही ये दिल मेरा, तडपता तेरे प्यार में
बेवफाई तो तुने नहीं की, इसी लिये खडा हैं इंतेजार में
आज नहीं तो कल तुझे भी याद आयेगी मेरी
देर न कर जान-ए-मन शायद जान ही न जायेगी मेरी ....!!!
Thursday, November 15, 2012
टूट जाएगा दिल ये मेरा, बिखर जाए अगर कही
जूड न पाएगा दुबारा फिर ये कभी ऐ दोस्त ज़रा एहतियात से ठुकराना इसे......!!!
जो गए आप ज़िन्दगी से मेरी, मजबूर तो तुम भी होगे किसी वजह से
पर छोड़ नहीं सकते आशिकी ये अपनी, मजबूर तो हम भी है इसी वजह से
इंतज़ार तो हम करेंगे ज़रूर के कभी शायद तुम लौट आओगे
जिधर छोड़ा था साथ तुम ने हमारा खड़ा वही हमेशा पाओगे।