इन्हें फुरसत में ही होने दो,
माना के उल्फत नहीं आपको
पर हमारे इरादे तो पक्के होने दो!
ठुकरा के उसने मुझको कहा की मुस्कुराओ,
मैने हस दिया, आखिर सवाल उसकी खुशी का था !
मैने खोया वो जो मेरा था ही नही..........
उसने खोया जो सिर्फ उसी का था.......!!!
पलकों पे आंसुओं को सजाया ना जा सका,
उसको भी हाल ए दिल का बताया ना जा सका !
ज़ख्मों से चूर चूर था ये दिल मेरा,
एक ज़ख़्म भी उस को दीखाया न जा सका !!
जब तेरी याद आई दिल को तकलीफ तो हुई मगर, ...आँखों में आंसुओं को छुपाया न जा सका !!!
हम उठ के चले आए उनकी महफ़िल से मायूस हो के,
पीछे से जालिम ने पुकारा तक नही..........!
फिर भी खुद ही रूक गए हमारे कदम,
क्यूंकि उसके बिन अब गुज़ारा भी नही ..........!!!
दर्द में कोई मौसम प्यारा नही होता,
दिल हो प्यासा तो पानी से गुजारा नही होता!
कोई देखे तो हमारी बेबसी आकर..........
हम सभी के हो जाते है, पर कोई हमारा नही होता !!!