पलकों पे आंसुओं को सजाया ना जा सका,
उसको भी हाल ए दिल का बताया ना जा सका !
ज़ख्मों से चूर चूर था ये दिल मेरा,
एक ज़ख़्म भी उस को दीखाया न जा सका !!
जब तेरी याद आई दिल को तकलीफ तो हुई मगर,
...आँखों में आंसुओं को छुपाया न जा सका !!!
उसको भी हाल ए दिल का बताया ना जा सका !
ज़ख्मों से चूर चूर था ये दिल मेरा,
एक ज़ख़्म भी उस को दीखाया न जा सका !!
जब तेरी याद आई दिल को तकलीफ तो हुई मगर,
...आँखों में आंसुओं को छुपाया न जा सका !!!
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