माझा संग्रह...... !!!
Wednesday, February 2, 2011
हम उठ के चले आए उनकी महफ़िल से मायूस हो के,
पीछे से जालिम ने पुकारा तक नही..........!
फिर भी खुद ही रूक गए हमारे कदम,
क्यूंकि उसके बिन अब गुज़ारा भी नही ..........!!!
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